आधुनिक तकनीक से पुलिसिंग होगी अधिक पारदर्शी और प्रभावी, पीआरवी कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण



लखनऊ । जिला प्रशिक्षण इकाई (डीटीयू), पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में शुक्रवार को पीआरवी कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त-112 ने कर्मियों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों के प्रभावी, पारदर्शी और विधिसम्मत उपयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में पीआरवी कर्मियों और अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त-112 ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक तकनीक पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। तकनीकी उपकरणों के बेहतर उपयोग से अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ आमजन को त्वरित और बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है।

कार्यक्रम में घटनास्थल से साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से संकलन, संरक्षण और परीक्षण में क्राइम सीन किट की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यदि साक्ष्यों का सही ढंग से संकलन और संरक्षण किया जाए तो अपराधियों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

प्रशिक्षण में पीटीजेड कैमरा और बॉडी वॉर्न कैमरों के प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि बॉडी वॉर्न कैमरों से पुलिस कार्रवाई का वास्तविक रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित नजर रखी जा सकती है। वहीं आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने में भी मदद मिलती है।

पीआरवी कर्मियों को व्यवहारिक उदाहरणों और तकनीकी प्रक्रियाओं के जरिए उपकरणों के संचालन, रखरखाव और उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें निर्देशित किया गया कि किसी भी आपात स्थिति में आधुनिक तकनीक का उपयोग संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और दक्षता के साथ करें।सहायक पुलिस आयुक्त-112 ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना भी है। ड्यूटी के दौरान अनुशासन, संवेदनशीलता और पेशेवर व्यवहार बनाए रखते हुए तकनीकी उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों और कर्मियों को भविष्य में तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी कार्यक्षमता और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पीआरवी कर्मी उपस्थित रहे।