- "डायरिया से डर नहीं" कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का किया गया उन्मुखीकरण
बदायूं । जनपद में डायरिया नियंत्रण और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग हरसम्भव तैयारी में जुटा है। इसी क्रम में जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) एवं केनव्यू के सहयोग से "डायरिया से डर नहीं" कार्यक्रम के तहत जनपद की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण किया जा रहा है। विकास खंड बिसौली के सभागार में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन सोमवार को करीब 170 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग सत्रों में डायरिया की रोकथाम, पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
इस मौके पर प्रतिभागियों को बच्चों में डायरिया के लक्षणों की शीघ्र पहचान, ओआरएस एवं जिंक के सही उपयोग, स्वच्छ पेयजल के महत्व, हाथ धोने की सही विधि तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता संबंधी व्यवहारों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि डायरिया बच्चों में होने वाली एक सामान्य लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, समय पर उपचार एवं उचित देखभाल के माध्यम से प्रभावी बचाव संभव है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा प्रत्येक परिवार तक डायरिया रोकथाम एवं प्रबंधन संबंधी संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। ज्ञात हो कि इससे पहले विकास खंड बिल्सी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण करते हुए डायरिया की रोकथाम, पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई है।
"डायरिया से डर नहीं" कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय को डायरिया के प्रति जागरूक बनाना, बच्चों में होने वाली जटिलताओं एवं मृत्यु के जोखिम को कम करना तथा ओआरएस एवं जिंक के उपयोग को बढ़ावा देना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उनके माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी संदेश घर-घर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में विकासखंड बिसौली की बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) अल्पना जौहरी तथा पीएसआई इंडिया से शशांक दुबे एवं दानिश वार सहित बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।