- प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मुस्कान एक्सप्रेस की मोबाइल वैन को किया रवाना
- टीकाकरण के कम प्रतिशत वाले क्षेत्रों से गुजरेगी ‘मुस्कान एक्सप्रेस’, लोगों को करेगी जागरूक
रायबरेली - कोविड टीकाकरण तथा कोविड अनुरूप व्यवहारों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये अलायंस फॉर इम्यूनाइजेशन एंड हेल्थ ( ए.आई.एच.) व यूनिसेफ के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा “मुस्कान एक्सप्रेस कार्यक्रम" की शुरुआत की गयी है | इसी क्रम में गुरुवार को प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. खालिद रिजवान ने ‘‘मुस्कान एक्सप्रेस” मोबाइल वैन को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया | इस अवसर पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा - ‘‘मुस्कान एक्सप्रेस‘‘ मोबाइल वैन को कोविड टीकाकरण तथा कोविड अनुरूप व्यवहारों का संदेश देने वाली प्रचार-प्रसार सामग्री से लैस किया गया है | इसमें कोविड किट, पोस्टर, बैनर, लीफलेट, फ्रिक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन (एफ0ए0क्यू0 तथा आडियो विजुअल संदेश शामिल हैं ।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले के कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों को चिन्हित करते हुये ‘‘मुस्कान एक्सप्रेस‘‘ के लिये रूट प्लान बनाया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से कोशिश रहेगी कि महिलाओं सहित सभी वर्ग को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाये| ‘‘मुस्कान एक्सप्रेस के माध्यम से समुदाय को कोविड मुक्त बनाने के लिए प्रभावशाली व्यक्तियों तथा जन प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है | प्रत्येक जिले में लोगों को टीकाकरण करवाने और उपयुक्त व्यवहारों का पालन करने की शपथ दिलाई जाएगी |
ए.आई.एच राष्ट्रीय समन्वयक संध्या कुकरेती ने बताया - एआईएच पहले से ही देश के सात प्रदेशों में बच्चों व महिलाओं के टीकाकरण के प्रति जागरूकता के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समन्वय में कार्य कर रहा है और अब रायबरेली सहित उत्तर प्रदेश के सात जिलों में कोविड टीकाकरण तथा कोविड उपयुक्त व्यवहारों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मदद करेगा । ‘‘मुस्कान एक्सप्रेस‘‘ कार्यक्रम दिसम्बर माह तक चलाया जायेगा जिसके अंतर्गत रायबरेली के साथ-साथ संभल, चित्रकूट, सोनभद्र, ललितपुर, एटा, बरेली, कासगंज, मुरादाबाद तथा बलरामपुर जनपदों में अगस्त से दिसम्बर माह के बीच, महीने में 15 दिन गाँव -गाँव जाकर लोगों को जागरूक किया जायेगा।
राष्ट्रीय समन्वयक ने बताया- विभिन्न रिपोर्ट हमें बताती हैं कि प्रदेश ही नहीं पूरे देश में कोविड टीकाकरण में पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या बहुत कम है। इसके साथ ही जैसे-जैसे कोरोना का असर कुछ कम होता है, हम सभी का व्यवहार भी उतना ही लापरवाह होता जाता है। कोरोना महामारी के दौरान आम जन के अपने इन अनुपयुक्त व्यवहारों का खामियाजा देखा है। न सिर्फ लाखों लोग एक-साथ महामारी का शिकार हुये बल्कि बहुत से लोंगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, बहुतों की अजिविका प्रभावित हुई है तथा कई लोगों ने इलाज में अपनी जमा-पूंजी लगा दी। इन सभी मुद्दों को सम्बोधित करने के लिये ए.आई.एच द्वारा प्रदेश में ‘‘मुस्कान एक्सप्रेस” कार्यक्रम की शुरूआत की गई है।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अंशुमान सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस.अस्थाना, उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अंजली सिंह, यूनिसेफ़ की डीएमसी वंदना त्रिपाठी , ए.आई.एच. से चंद्रशेखर शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे |