प्रधानमंत्री का युवाओं से आह्वान, देश को खेल उद्यम का हब बनाओ



मेरठ - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार का मेरठ दौरा कई मायनों में खास रहा। प्रधानमंत्री ने देश के प्रसिद्ध खिलाड़ियों से संवाद करने के साथ ही मेरठ के खेल उद्यमियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश को खेल उद्यम का हब बनाने और आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने खेलों को एक उद्योग के रूप में भी विकसित करने की बात कही।

दरअसल मेरठ में खेल उपकरणों को देश और दुनिया के विभिन्न देशों में निर्यात किया जाता है। ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं में भी मेरठ में बने खेल उपकरण भेजे जाते हैं। उप्र सरकार ने भी एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत मेरठ जनपद से खेल उपकरण का चयन किया है। मेरठ और पश्चिम उप्र के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन पूरी दुनिया के सामने कर रहे हैं। खेलों में अपार संभावनाओं वाले पश्चिम उप्र की धरती पर रविवार को प्रधानमंत्री ने खेल विवि की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार देश में नई खेल संस्कृति को विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया मूवमेंट और सांसद खेल स्पर्धा इसके ही एक पार्ट हैं।

प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि खेलों को केवल खेल के रूप में ही ना अपनाया जाए। केवल विश्व में नंबर वन खिलाड़ी बनने के लिए ही खिलाड़ी ना बनें। बल्कि खेलों को एक उद्यम के लिए रूप में भी अपनाया जाए। युवाओं को खेलों को अपना प्रोफेशन बनाने की परिस्थितियां बनाई जा रही हैं। जब युवा आगे बढ़ेंगे तो देश बढ़ेगा और देश बढ़ेगा तो पूरी दुनिया को रास्ता दिखाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मणिपुर में बनाई गई है। खेलों में हायर एजूकेशन हासिल करने का संस्थान बनाया गया है। खेल से जुड़ी सर्विस और सामान का वैश्विक बाजार लाखों करोड़ रुपये का है। देश में अनेक ऐसे स्पोर्ट्स को विकसित किया जा रहा है ताकि देश स्पोर्ट्स सामान और उपकरणों के निर्माण में भी आत्मनिर्भर बन सके। नई शिक्षा नीति में भी खेल को प्राथमिकता दी गई है। पहले खेल एक अलग एक्टिविटी थी, अब खेल भी विषय होगा। उसका भी पढ़ाई में विशेष महत्व होगा। इसके लिए युवाओं को एक मार्ग दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।