आठ जुलाई को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा किशोरी दिवस



लखनऊ,  06 जुलाई -2019- प्रदेश की बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की प्रमुख सचिव मोनिका एस. गर्ग ने सभी जिला कार्यक्रम  अधिकारियों व प्रभारी अधिकारियों को पत्र भेजकर 8 जुलाई 2019 को किशोरी दिवस मनाने का निर्देश दिया है । इस अभियान में स्वास्थ्य एवं समेकित बाल विकास सेवा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी । शिक्षा विभाग स्कूल जाने वाली किशोरियों की स्वास्थ्य जांच व किशोरी हेल्थ कार्ड को पूरा करने में अहम भूमिका निभायेगा । 

इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा संचालित पोषण अभियान के एक साल पूरे होने के मौके पर 8 मार्च से 22 मार्च तक पूरे प्रदेश में पोषण पखवाड़ा मनाया गया था । जिसके तहत  प्रदेश सरकार द्वारा “किशोरी बालिकाओं में एनीमिया की समस्या का समाधान” थीम पर आठ मार्च को प्रदेश के सभी एएनएम सब-सेंटर पर किशोरी दिवस मनाया गया था । इसमें किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच व खून की जांच की गयी थी और हर किशोरी को हेल्थ कार्ड जारी किया गया था । 
जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेन्द्र दुबे ने बताया किशोरी दिवस पर 11 से 14 वर्ष की सभी किशोरियों की ऊंचाई व वजन की माप और खून की जांच की जाएगी तथा हर किशोरी का हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा |

इस कार्य में आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम की मदद ली जाएगी। किशोरियों को उनके हीमोग्लोबिन के स्तर को बताने के साथ ही उसे उनके हेल्थ कार्ड में भी दर्ज किया जाएगा। जांच में जो किशोरियाँ एनीमिक पायी जाएंगी वह अगले चरण में दोबारा जांच के  लिए   आएंगी । इस अभियान में उन किशोरियों की दोबारा स्वास्थ्य व खून की जांच करना अनिवार्य है जिनकी जांच 8 मार्च 2019 को एएनएम सेंटर पर हुयी थी । इस दिवस पर खून की जांच रिपोर्ट के आधार पर किशोरियों को एनीमिया से बचने के लिए आयरन की गोलियों के सेवन और खान-पान संबंधी विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। स्कूल न जाने वाली किशोरियों की जांच एएनएम द्वारा उप केंद्र पर सुबह   सत्र में किया जाएगा। स्कूल जाने वाली सभी किशोरियों की भी ऊंचाई, वजन और खून की जांच एएनएम सब सेंटर पर होगा। इसके लिए किशोरियाँ स्कूल की छुट्टी के बाद सेंटर पर जाएँ और अपराहन सत्र में जांच कराएं। इन्हें भी किशोरी हेल्थ कार्ड दिया जाएगा। सभी किशोरियाँ सेंटर पर पहुंचे इसके लिए प्रधानाध्यापक की भी मदद ली जाएगी। सेंटर पर संबन्धित आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम के साथ ही पोषण सखी की भी उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। 

सामान्यतः महिलाएं व लड़कियां आयरन की गोलियों का सेवन दूध व चाय के साथ करती हैं, जो की गलत है इससे शरीर में आयरन का अवशोषण कम हो जाता है। इसके अलावा आयरन फोलिक एसिड की  गोलियों का सेवन, विटामिन सी युक्त आहार जैसे नीम्बू, संतरा, आदि के साथ किया जाना चाहिये । जिससे आयरन का अवशोषण सुचारु रूप से हो सके । भोजन में पालक, मेथी, बथुआ, सरसों, गुड़ आदि की मात्रा बढाएं क्योंकि इसमें आयरन की मात्रा अधिक होती है । अंकुरित दालों को हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ पकाकर खाना चाहिये । 
पत्र में यह लिखा गया है कि यदि यह अभियान 8 जुलाई को पूरा नहीं होता है तो अगले दिन अर्थात 9 जुलाई को भी आयोजित किया जायेगा ।
नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश की 15 से 19 साल की किशोरियाँ सबसे ज्यादा एनीमिया की गिरफ्त में हैं, जिनकी तादाद 53.7 फीसद है।