शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित होंगे राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षक



लखनऊ -  प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के निदेशक कुणाल सिल्कू ने शिक्षक दिवस के अवसर पर दिनांक 05 सितम्बर 2021 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षकों को सम्मानित करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने के सम्बंध में समस्त मण्डलीय संयुक्त निदेशक (प्रशि0/शिशिक्षु) को निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर दिनांक 05 सितम्बर, 2021 को प्रदेश के समस्त जनपदों में कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्णय लिया है। जिसके क्रम में प्रत्येक जनपद के नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में दिनांक 05 सितम्बर, 2021 को शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण देश में प्रत्येक वर्ष 05 सितम्बर ‘‘शिक्षक दिवस’’ के रूप में मनाया जाता है तथा इस अवसर पर शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षकों/प्रशिक्षकों को उनके बेहतरीन कार्यों के लिए सम्मानित करते हुए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता है।

श्री सिल्कू ने कहा कि प्रत्येक जनपद के समस्त राजकीय औ़द्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से कम से कम 01 प्रशिक्षक को सम्मान हेतु चयनित किया जायेगा तथा किसी भी जनपद में सम्मानित किये जाने वाले प्रशिक्षकों की संख्या 05 से कम नहीं होगी। सम्मानित किये जाने वाले प्रत्येक प्रशिक्षण को एक शॉल तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जायेगा। प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षकों के चयन हेतु समिति गठित की गयी है, जिसमें मण्डलीय संयुक्त निदेशक (प्रशि./शिशिक्षु) को अध्यक्ष, नोडल प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को सदस्य सचिव, अन्य समस्त प्रधानाचार्य/उप-प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को सदस्य बनाया गया है।

श्री सिल्कू ने कहा कि प्रशिक्षकों को चयन हेतु मापदण्ड निर्धारित किये गये हैं। जिसके अनुसार प्रशिक्षक के विरूद्ध कोई भी विभागीय कार्यवाही प्रचलित न हो एवं  निलम्बित प्रशिक्षक का चयन नहीं किया जा सकता है। प्रशिक्षक की विगत 05 वर्ष की चरित्र प्रविष्टियां अनुकूल अर्थात उत्तम/अति-उत्तम/उत्कृष्ट हो। विगत 03 वर्षों में प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षित किये गये प्रशिक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षक द्वारा विगत वर्षों में किये गये बेहतरीन कार्य (प्रशिक्षण प्रदान किये जाने में रूचि, मोहल्लों आदि का निर्माण, डिजीटल मोड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाना, इत्यादि) तथा उसका आचरण होगा।