गर्भवती की स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी जांच शुरू



  • टीबी की पुष्टि होने पर नि:शुल्क दवाएं कराई जाएंगी उपलब्ध

बाराबंकी  - राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गर्भवती की टीबी की जांच कराई जाएगी। इस संबंध में सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी व  अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को पत्र के माध्यम से गर्भवती की टीबी प्रबंधन के निर्देश जारी किये हैं। इसके तहत अब आंगनबाड़ी केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के लिए गर्भवतियों की सिंप्टोमेटिक स्क्रीनिंग जारी है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनोद कुमार दोहरे ने बताया कि जनपद में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सिंप्टोमेटिक स्क्रीनिंग चल रही है। अब अन्य जांचों की तरह अब जिले के सभी गर्भवती महिलाओं का टीबी की जांच विभाग बिल्कुल नि:शुल्क करेगा। यह जांच की सुविधा मुख्यालय के अलावा जिले के 17 सामुदायिक व 53 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सभी हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर होगी। जिले में करीब 1542 टीबी के मरीज इलाज पर हैं।  क्षय रोगियों को नि:क्षय पोषण योजना के तहत पौष्टिक आहार  के लिए इलाज के दौरान 500 रुपये  प्रतिमाह उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं।

जिला कार्यक्रम समन्वयक शिप्रा ने बताया कि निर्देश के अनुसार कार्य किया जा रहा है। गर्भवती की जांच के पश्चात टीबी की पुष्टि होती है तो तुरंत उपचार शुरू कर दिया जाएगा और नि:क्षय पोषण योजना से भी जोड़ दिया जाएगा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामजी वर्मा का कहना है कि प्रदेश में हर वर्ष आठ हजार गर्भवती में टीबी के लक्षण मिल रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती की स्क्रीनिंग व टीबी की जांच कराई जाएगी। टीबी की पुष्टि होने पर हेल्थ विजिटर की निगरानी में नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

लक्षण होने पर किया जाएगा टीबी सेंटर रेफर: सिंप्टोमेटिक स्क्रीनिंग के तहत गर्भवती महिलाओं में देखा जाएगा कि उनको दो सप्ताह से खांसी व बुखार तो नहीं आ रहा, लगातार वजन तो नहीं कम हो रहा, रात में पसीना तो नहीं आता। यदि ऐसे कोई लक्षण पाए जाते हैं तो उनको तत्काल टीबी जांच केंद्र के लिए रेफर किया जाएगा। यदि जांच के दौरान महिला को क्षय रोग की पुष्टि हो जाती है तो उसका तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।