- साथ ही 5 लाख तक कैशलेस इलाज की घोषणा
लखनऊ। बजट सत्र 2026-27 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश विधान सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ संबोधन के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अप्रैल माह से प्रदेश में कार्यरत शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये तथा अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य सरकार पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि जरूरतमंद नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके।सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, अति पिछड़ी जाति, अल्पसंख्यक समुदाय और गरीब वर्ग के बच्चों की इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों को रोकने के लिए 2017 से पहले प्रभावी प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि 2017 तक हर वर्ष 1200 से 1500 बच्चों की मौत केवल इंसेफेलाइटिस से होती थी। सरकार ने विभिन्न विभागों और संगठनों को साथ जोड़कर व्यापक स्तर पर समन्वित कार्रवाई की।
मुख्यमंत्री के अनुसार 2019 के बाद प्रदेश में इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ और बीमारी के उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस समस्या को जाति या वर्ग के आधार पर नहीं देखा, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान दृष्टिकोण अपनाया। शासन की योजनाओं का लाभ कानून की दृष्टि में समान रूप से सबको मिलना चाहिए और सरकार इसी सिद्धांत पर कार्य कर रही है।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कवि राम धारी सिंह दिनकर की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा कि समाज में सम्मान तप, पराक्रम और कर्म से मिलता है, न कि जातिगत आधार पर। उन्होंने कहा कि शासन का दायित्व भेदभाव से ऊपर उठकर जनकल्याण की योजनाओं को सभी तक पहुंचाना है।मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सदन में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। सरकार ने संकेत दिया कि आगामी वित्तीय वर्ष में जनहित की योजनाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि प्रदेश के सभी वर्गों को समान अवसर और सुरक्षा उपलब्ध हो सके।