लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर स्थापित हुआ हैरिटेज स्टीम इंजन ‘ऐरावत’, यात्रियों के लिए बना आकर्षण का केंद्र



लखनऊ । पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन स्टेशन परिसर में रेलवे की ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से कैबवे साइड पर हैरिटेज स्टीम इंजन ‘ऐरावत’ स्थापित किया गया है। स्टेशन परिसर में लगाए गए इस विंटेज इंजन से न केवल स्टेशन की सुंदरता में वृद्धि हुई है, बल्कि यह यात्रियों और पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बन गया है।स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्री इस ऐतिहासिक इंजन को देखकर रेलवे की पुरानी विरासत से रूबरू हो रहे हैं। कई यात्री इंजन के साथ तस्वीरें खींचकर इस ऐतिहासिक धरोहर को अपने कैमरों में भी कैद कर रहे हैं। 

रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पहल से यात्रियों को भारतीय रेल के गौरवशाली इतिहास और तकनीकी विकास की झलक देखने का अवसर मिलेगा।रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह विंटेज स्टीम लोकोमोटिव वर्ष 1926 में नौतनवा ब्रांच लाइन की लगभग 14 मील लंबी नैरो गेज ट्राम लाइन पर संचालित किया जाता था। उस समय यह इंजन लक्ष्मीपुर स्टेशन से नागवा और सोनारी जंगल की दिशा में चलाया जाता था। मुख्य रूप से इसका उपयोग वन क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले लकड़ी सहित अन्य वन उत्पादों के परिवहन के लिए किया जाता था और इसने कई दशकों तक अपनी सेवाएं दीं।बताया गया कि यह ऐतिहासिक इंजन वर्ष 1982-83 में इस लाइन के परिचालन बंद होने तक लगातार उपयोग में रहा। इस स्टीम इंजन का निर्माण इंग्लैंड की प्रसिद्ध जॉन फाउलर कंपनी द्वारा किया गया था। अब इसे लखनऊ जंक्शन स्टेशन पर स्थापित कर रेलवे की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी भारतीय रेल के पुराने दौर की तकनीक और इतिहास से परिचित हो सकें।