भटहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने पेश की मिसाल



  • स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाकर तीन बार जीता कायाकल्प अवार्ड
  • सीएचसी स्टाफ को सीएमओ ने किया सम्मानित

गोरखपुर - सच्ची लगन और सकारात्मक सोच के बल पर ही बेहतर बदलाव की मिसाल पेश की जा सकती है। इसका जीता जागता उदाहरण है भटहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), जिसने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही तीन बार कायाकल्प अवार्ड जीतकर दूसरों के लिए प्रेरक की भूमिका निभा रहा है ।
 
यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने भटहट सीएचसी के कायाकल्प अवार्ड समारोह के दौरान कहीं। समारोह में चिकित्सक, पैरामेडिक स्टॉफ, स्थानीय सहयोगियों समेत  35 लोग सम्मानित किये गये। कोविड काल में पहले प्रयास में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में इसने पहली बार कायाकल्प अवार्ड जीता था।

सीएमओ ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर भटहट सीएचसी की स्थिति ठीक नहीं थी । सीलन से मरीज, चिकित्सक, कर्मचारी और आगंतुक सभी परेशान रहते थे। अस्पताल में इंफ्रास्ट्रक्चर तो था, लेकिन व्यवस्थित नहीं था। इंफेक्शन कंट्रोल के उपायों पर भी बहुत जोर नहीं था। प्रसव कक्ष सुदृढ़ नहीं था और सिस्टम की कमी थी। अधीक्षक और उनकी टीम के प्रयासों से अब यहां की सूरत बदल चुकी है और यह एक आदर्श अस्पताल के तौर पर काम कर रहा है ।

इस मौके पर एसीएमओ आरसीएच डॉ नंद कुमार ने बताया कि डॉ. अश्विनी चौरसिया व उनकी टीमकी कोशिश से अस्पताल के भवन की हालत सुधर चुकी है  । अस्पताल में छह इंटरकॉम, सीसीटीवी कैमरे, सरकारी बजट से सभी कमरे के लिए नयी आलमारी, सभी कमरों के लिए नये फर्नीचर लगवाए गए। एक बड़ा सुलभ शौचालय भी बनवाया गया है। ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट कक्ष को कार्पोरेट ऑफिस जैसी सूरत दी गयी है। इन प्रयासों का असर यह हुआ कि यह सीएचसी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन (एनक्वास) कार्यक्रम में राज्य स्तर पर भी क्वालिफाई कर चुकी है और शीघ्र ही राष्ट्रीय टीम मूल्यांकन करेगी।

सीएचसी अधीक्षक डॉ अश्विनी चौरसिया ने बताया कि जिलाधिकारी और सीएमओ के दिशा निर्देशन में सीएचसी के लेबर वार्ड के पास में ही डिस्पेंशर सैनेट्री पैड की मशीन लगवायी गयी है जहां से बिना किसी से मांगे सैनेटरी पैड प्राप्त किया जा सकता है, जबकि शौचालय के पास इमीनेटर सैनिटरी पैड मशीन लगवायी गयी जहां यूज किये जा चुके पैड को नष्ट किया जाता है।कार्यक्रम के दौरान सीफार प्रतिनिधि वेद प्रकाश पाठक ने भटहट में हुए बदलावों और संचार की भूमिका से सम्बन्धित प्रस्तुति भी की। इस अवसर पर पूर्व जिला क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट डॉ मुस्तफा खान, वर्तमान क्वालिटी सहायक विजय श्रीवास्तव, एचईओ कमलेश्वर सिंह और अश्विनी त्रिपाठी की भूमिका की भी सराहना हुई जिन्होंने विपरीत हालात में यहां हुए बदलावों में योगदान दिया । उन्हें सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने अनुभवों को साझा किया।इस अवसर पर पिपराइच सीएचसी के अधीक्षक डॉ मणि शेखर, जंगल कौडिया सीएचसी के अधीक्षक डॉ मनीष चौरसिया, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक पंकज आनंद, डीडीएम पवन कुमार, मंडलीय क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट डॉ जसवन्त मल्ल, जिला अस्पताल के क्वालिटी मैनेजर डॉ मुकुल, एआरओ एसएन शुक्ला, वरिष्ठ कार्यालय सहायक नवीन कुमार गुप्ता प्रमुख और डीईओ आदिल फखर तौर पर मौजूद रहे।

सीएचसी से जुड़े यह लोग हुए सम्मानित : डॉ अश्विनी चौरसिया, डॉ आशुतोष चौहान, डॉ ज्ञान प्रकाश गुप्ता, डॉ प्रतिभा मल्ल, डॉ प्रशान्त श्रीवास्तव, एजाज अहमद, कमलेश्वर सिंह, संजय सिंह कुशवाहा, मुरली श्याम, कृष्णा पटेल, पुष्पा तिवारी, कविता पाल, राकेश कुमार गौड़, अरविन्द नायक, प्रवीण कुमार पांडेय, नन्द किशोर शर्मा, अन्शुदीप कन्नौजिया, राम बिलास, हरि प्रसाद, शिवाकान्त मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार द्विवेदी, आरती त्रिपाठी, राज कुमार राय, राकेश कुमार श्रीवास्तव, पवन पांडेय, प्रियंका पटेल, ग्राम प्रधान मो वाजिद अली, स्वास्थ्यकर्मी सद्दाम हुसैन, विधाता, मीना, सुनीता और अर्चना ।