राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर अयोध्या में तैयारियों की समीक्षा, रामनवमी व्यवस्थाओं पर भी दिए निर्देश



लखनऊ/अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के संबंध में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इससे पूर्व उन्होंने प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर ली जाएं। सुरक्षा, साफ-सफाई और आगंतुकों के प्रवास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राष्ट्रपति के आगमन मार्ग पर प्रत्येक 500 मीटर की दूरी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा इन स्थलों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने कहा कि अयोध्या एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति के स्वागत के लिए स्कूली बच्चे तिरंगा लेकर उपस्थित रहेंगे। मंच पर उपस्थित लोगों की सूची पहले से तैयार की जाए। पूज्य संतों के आगमन और ठहरने की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी जाएं।

कार्यक्रम में वाल्मीकि मंदिर, सिख और जैन समुदाय के संतों व महंतों को भी आमंत्रित किया जाए तथा समाज के प्रतिष्ठित लोगों को भी आमंत्रण दिया जाए।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खाली पड़े स्थानों पर साफ-सफाई कराते हुए उपयुक्त स्थानों पर गमले लगाए जाएं। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए और आने वाले व्यक्तियों का पूर्व सत्यापन कराया जाए। जांच एजेंसियों को सक्रिय रखते हुए एंटी-ड्रोन कंट्रोल रूम को अलर्ट रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और ट्रस्ट के पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी रामनवमी पर्व की तैयारियों की भी समीक्षा की और कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। रामनवमी अयोध्या के प्रमुख पर्वों में से एक है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फुटपाथ खाली रखे जाएं, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए और दर्शन-पूजन कार्यक्रम को स्क्रीन के माध्यम से भी प्रसारित किया जाए। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने तथा संदिग्ध और देशविरोधी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। मंदिर परिसर में बिना जांच के किसी को भी प्रवेश न दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लता मंगेशकर चौक से हनुमानगढ़ी तक गोल्फ कार्ट संचालित किए जाएंगे, जिससे उन्हें अधिक दूरी पैदल न चलना पड़े। उन्होंने वीआईपी मूवमेंट को न्यूनतम रखने के निर्देश भी दिए, ताकि आम श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।उन्होंने पार्किंग व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने और सड़कों के किनारे वाहनों की पार्किंग न होने देने के निर्देश दिए। विभिन्न स्थानों पर सेवा भाव से पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया। 

इस अवधि में रामपथ, धर्मपथ सहित प्रमुख मार्गों पर शराब और मांस-मदिरा की बिक्री पूर्णतया प्रतिबंधित रखने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्ग और मंदिर म्यूजियम के निर्माण की प्रगति की जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

अयोध्या भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी मंदिर और राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया तथा श्रीराम मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने हनुमानगढ़ी में संतों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम भी जाना। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, अमित सिंह चौहान, अजय सिंह, चंद्रभानु पासवान, अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।