एमईपीएससी ने व्यावसायिक कौशल एवं उद्यमिता विकास में एक दशक की उपलब्धियों को उत्सव के रूप में मनाया



नई दिल्ली। द मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल्स स्किल काउंसिल (The Management & Entrepreneurship and Professional Skills Council- MEPSC) ने मंगलवार की देर शाम द्वारका, नई दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में अपना 10वां स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया। यह अवसर भारत के व्यावसायिक कौशल तंत्र को सशक्त बनाने तथा उद्यमिता-आधारित कार्यबल विकास को प्रोत्साहित करने के एक दशक की उल्लेखनीय यात्रा का प्रतीक रहा।

इस अवसर पर उद्योग, शिक्षा जगत एवं कौशल विकास क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधि एकत्रित हुए और एमईपीएससी द्वारा उद्योग-अनुरूप कौशल मानकों के विकास तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमता सुदृढ़ करने की दिशा में किए गए प्रयासों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीनिवास वी. डेम्पो, अध्यक्ष, डेम्पो ग्रुप ऑफ कंपनीज़ एवं अध्यक्ष, एमईपीएससी ने की। इस अवसर पर एमईपीएससी के बोर्ड सदस्य तथा एयर इंडिया, ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA), मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, गेल, डेलॉइट और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

इस मौके पर कर्नल अनिल कुमार पोखरियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एमईपीएससी ने संगठन की दस वर्षीय यात्रा और भारत के व्यावसायिक कौशल परिदृश्य को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एमईपीएससी  ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल मानकों के निर्माण, संस्थानों एवं प्रशिक्षण भागीदारों के साथ सशक्त सहयोग तथा युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि तीव्र तकनीकी परिवर्तन के इस दौर में संगठन का लक्ष्य कौशल अंतर को कम कर भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल तैयार करना है।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण एमईपीएससी के 10वीं वर्षगांठ के स्मारक चिह्न (लोगो) का अनावरण रहा, जो व्यावसायिक कौशल विकास के क्षेत्र में एक दशक की उपलब्धियों एवं सहयोग का प्रतीक है। इस अवसर पर एमईपीएससी की उपलब्धियों और योगदानों को दर्शाती कॉफी टेबल पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

इसके अतिरिक्त “प्रोफेशनल स्किलिंग का एक दशक: भविष्य के कार्यबल के लिए उद्योग-एकीकृत शिक्षण की पुनर्कल्पना” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें उद्योग एवं मानव संसाधन क्षेत्र के विशेषज्ञों ने बदलती कार्य आवश्यकताओं, उभरते कौशलों तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

श्रीनिवास वी. डेम्पो ने कहा कि एमईपीएससी आज देश के कौशल विकास तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश में प्रबंधकीय एवं व्यावसायिक कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रारंभ हुआ यह प्रयास आज एक सशक्त मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो उद्योग, प्रशिक्षण संस्थानों तथा उभरते पेशेवरों एवं उद्यमियों को जोड़ता है।

उन्होंने एमईपीएससी के पूर्व अध्यक्षों-सुनील कांत मुंजाल (हीरो एंटरप्राइज एवं संस्थापक अध्यक्ष),  हेमंत नेरुरकर (पूर्व प्रबंध निदेशक, टाटा स्टील) तथा आर. मुकुंदन (प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टाटा केमिकल्स) के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक रात्रिभोज के साथ हुआ, जिसमें उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं एवं अन्य हितधारकों ने कौशल विकास को और सशक्त बनाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस आयोजन से संबंधित संचार एवं मीडिया समन्वय का दायित्व निशा सिंह, ब्रांड एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, एमईपीएससी  द्वारा सफलतापूर्वक निभाया गया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति एवं कौशल विकास से जुड़े विषयों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने में उनकी भूमिका के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

एमईपीएससी के बारे में : The Management & Entrepreneurship and Professional Skills Council (MEPSC) कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत एक सेक्टर स्किल काउंसिल है। यह संगठन प्रबंधन, उद्यमिता एवं व्यावसायिक कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग-अनुरूप मानकों का विकास, प्रशिक्षण तंत्र का सुदृढ़ीकरण तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करता है।