नई दिल्ली : भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट 'तारागिरी' नौसेना में शामिल हुआ। इस संबंध में विशाखापत्तनम में 'तारागिरी' का कमीशनिंग समारोह आयोजित किया गया। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम को भारत की समुद्री शक्ति का एक प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम में INS तरागिरी की उपस्थिति इस क्षेत्र की सामरिक भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। भारत का समुद्र के साथ संबंध केवल भौगोलिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री 2047 तक विकसित भारत की बात करते हैं, तो ऊर्जा और शक्ति की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि 95% व्यापार समुद्री मार्गों से होता है और ऊर्जा सुरक्षा भी समुद्र पर निर्भर करती है। ऐसे में एक मजबूत और सक्षम नौसेना हमारे लिए कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। हमारी नौसेना लगातार अपनी उपस्थिति बनाए रखती है।
रक्षा मंत्री ने भारतीय नौसेना की सराहना करते हुए कहा कि समुद्र में कई संवेदनशील बिंदु हैं, जहां हमारी नौसेना ने शांति और सुगम आपूर्ति के लिए अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई है। जब भी स्थिति चुनौतीपूर्ण होती है, भारतीय नौसेना हमारे हितों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।