“ब्रज पेड़े की शुद्धता पर मुहर — मिलावट की खबरें भ्रामक, FSDA की सख्त निगरानी जारी”



लखनऊ /मथुरा - मथुरा-वृंदावन की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि यहां के प्रसिद्ध ब्रज पेड़े के लिए भी देश-विदेश में जानी जाती है। मंदिरों में प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाने वाले पेड़े को उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP योजना में भी शामिल किया गया है, जिससे इसकी विशेषता और बढ़ जाती है। 

हाल ही में सोशल मीडिया पर पेड़ों में मिलावट को लेकर फैलाई जा रही खबरों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने पूरी तरह भ्रामक बताया है। सहायक आयुक्त धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि पेड़ों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाती है और मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी की जाती है। वहीं पेड़ा विक्रेता हर्ष खंडेलवाल ने भी भरोसा दिलाया कि ब्रज के पेड़े पूरी तरह शुद्ध और पारंपरिक विधि से तैयार किए जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय दुकानों से ही पेड़े खरीदें और किसी भी संदिग्ध गुणवत्ता की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि ब्रज के इस प्रसिद्ध स्वाद की शुद्धता बनी रहे।