हरिवंश निर्विरोध चुने गए राज्यसभा के उपसभापति



नई दिल्ली : राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर उपसभापति पद के लिए निर्विरोध चुन लिया गया है। यह लगातार तीसरी बार है जब उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विपक्ष की ओर से कोई नामांकन नहीं आने के चलते उनका चयन निर्विरोध रहा। यह पहली बार है जब किसी मनोनीत सदस्य को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। उनके समर्थन में राज्यसभा सचिवालय को कुल पांच प्रस्ताव मिले, जिनमें पहला प्रस्ताव सदन के नेता जेपी नड्डा और दूसरा प्रस्ताव नितिन नवीन ने रखा।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने हरिवंश को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह एक नई परंपरा की शुरुआत है और इससे सदन की कार्यवाही में संतुलन और मजबूती आएगी।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बधाई संदेश साझा करते हुए कहा कि हरिवंश का निर्विरोध चयन सदन के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने उनके अनुभव, संवाद क्षमता और संतुलित कार्यशैली की सराहना की।

सदन के नेता जेपी नड्डा ने भी हरिवंश को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सदन की कार्यवाही और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होगी। वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उपसभापति के रूप में हरिवंश जी विपक्ष को पर्याप्त समय और सम्मान देंगे।  विपक्ष की ओर से उन्हें सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

चुनाव के बाद हरिवंश नारायण सिंह ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और पूर्ण निष्ठा व समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प दोहराया।