पश्चिम बंगाल: मतदान से पहले एक्शन, बाहरी प्रचारकों की एंट्री पर रोक



कोलकाता/नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 को लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत सभी राजनीतिक पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जो संबंधित चुनाव क्षेत्र के वोटर नहीं हैं और जिन्हें बाहर से लाया गया है, उन्हें चुनाव प्रचार का समय खत्म होने पर यानी, मतदान खत्म होने के लिए तय समय से 48 घंटे पहले तुरंत चुनाव क्षेत्र छोड़ना होगा। 

किसी भी अधिकारी की तरफ से कोई भी ढिलाई, गलत व्यवहार या नाकामी को गंभीरता से लिया जाएगा और कानून और गलती की गंभीरता के हिसाब से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उधर, मोटरसाइकिल पर लगी पाबंदियों में कुछ मामूली बदलाव किए गए हैं, जिनमें गिग वर्कर्स जैसे- डिलीवरी और राइड सर्विस प्रदाता और दफ़्तर जाने वालों को छूट दी गई है। ऐसे मामलों में राइडर्स को अपने साथ उचित पहचान पत्र रखना जरूरी होगा। 

इससे पहले आयोग ने आदेश दिया था कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की अशांति और तनाव को रोकने के लिए मतदान से दो दिन पहले बाइक रैलियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगी। इसके अलावा, शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाइक सवारी पर पाबंदी होगी। साथ ही, चुनावी दिन परिवार के साथ बाइक पर सवारी केवल मतदान या वैध कारणों से ही की जा सकेगी।