लखनऊ - उत्तर प्रदेश में स्मार्ट/प्रीपेड मीटर को लेकर विवाद के बीच ऊर्जा मंत्री ने बड़ा निर्णय लिया है।
अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड की तरह काम करेंगे और प्रीपेड व्यवस्था समाप्त की जा रही है। उपभोक्ताओं को फिर से मासिक बिल मिलेगा, साथ ही बकाया राशि किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हाल में एक महीने के भीतर बिजली आपूर्ति न काटी जाए और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण हो। राज्य में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है।
ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए.के. शर्मा ने शक्ति भवन में हुई बैठक के बाद इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलिंग सिस्टम पूरी तरह पोस्टपेड व्यवस्था जैसा होगा। महीने की पहली तारीख से आखिरी तारीख तक की खपत का बिल तैयार किया जाएगा और पहले की तरह एसएमएस और व्हाट्सऐप के जरिए उपभोक्ताओं को भेजा जाएगा।