अहमदाबाद /नई दिल्ली - गुजरात के प्रभास पाटन स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस खास मौके पर 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सोमनाथ जाएंगे। आयोजन को लेकर मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। इतिहास में यह मंदिर कई बार विदेशी आक्रमणों का शिकार हुआ, लेकिन हर बार श्रद्धालुओं और शासकों के प्रयासों से इसका पुनर्निर्माण किया गया।
वर्ष 1026 में महमूद गजनवी के हमले के बाद मंदिर को भारी क्षति पहुंची थी। देश की आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। इसके बाद 11 मई 1951 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। अब उसी ऐतिहासिक क्षण के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
सोमनाथ ट्रस्ट के अनुसार, कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली समेत कई राज्यों से श्रद्धालुओं के विशेष समूह सोमनाथ के लिए रवाना हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ को भारत की सांस्कृतिक चेतना और अटूट आस्था का प्रतीक बताया है। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।