पटना : बिहार में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने के उद्देश्य से संचालित ERSS डायल-112 सेवा लगातार आम लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है। वर्ष 2022 में शुरू हुई इस सेवा के माध्यम से अब तक लाखों लोगों को पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और महिला हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं एवं संचार), बिहार अमित लोढ़ा ने बताया कि ERSS (इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम) के तहत बिहार में डायल-112 को एकीकृत हेल्पलाइन के रूप में विकसित किया गया है। 6 जुलाई 2022 से शुरू हुई इस सेवा के जरिए राज्य के किसी भी हिस्से से पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, हाईवे पेट्रोलिंग, महिला एवं बाल हेल्पलाइन सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में ERSS परियोजना के तहत 1833 ERV वाहन कार्यरत हैं, जिनमें 1283 चारपहिया और 550 दोपहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के माध्यम से औसतन 11 मिनट से कम समय में घटनास्थल पर सहायता पहुंचाई जा रही है। पटना स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में कार्यरत सभी कॉल टेकर्स प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी हैं, जिनकी संख्या 346 है। प्रतिदिन औसतन 6500 से अधिक नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार, डायल-112 सेवा के माध्यम से अब तक राज्य में 55 लाख से अधिक लोगों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। घरेलू हिंसा, महिला अपराध और बच्चों से जुड़े करीब 4 लाख 69 हजार मामलों में त्वरित मदद पहुंचाई गई है। वहीं सड़क दुर्घटनाओं के 2 लाख 39 हजार से अधिक मामलों में घायल लोगों को तत्काल सहायता देकर उनकी जान बचाई गई।
इसके अलावा आगजनी के 1 लाख 30 हजार से अधिक मामलों में फायर ब्रिगेड की टीमों ने त्वरित कार्रवाई की है। स्थानीय विवाद और हिंसक झड़पों के लगभग 29 लाख मामलों में भी सहायता उपलब्ध कराई गई।
महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सितंबर 2024 से “सुरक्षित सफर सुविधा” भी शुरू की गई है। इसके तहत अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को तकनीकी निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर ERV सहायता उपलब्ध कराई जाती है। श्री लोढ़ा ने बताया कि राज्य सरकार अब Next Generation Emergency Response Support System (NGERSS) लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत रिस्पांस टाइम में और सुधार, GIS आधारित मॉनिटरिंग, पेट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम तथा ऑटोमेटेड फीडबैक मैकेनिज्म जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।