- हलिया ब्लाक की 206 आशा कार्यकर्ताओं व 44 एएनएम को किया प्रशिक्षित
- डायरिया की शीघ्र पहचान और रोकथाम के दिए गए जरूरी टिप्स
मिर्जापुर । स्वास्थ्य विभाग जनपद में डायरिया नियंत्रण और रोकथाम को लेकर बेहद गंभीर है। डायरिया के लिहाज से संवेदनशील हलिया ब्लाक की 206 आशा कार्यकर्ताओं, 44 एएनएम और 10 आशा संगिनी को विशेष तौर पर डायरिया की शीघ्र पहचान और जरूरी प्राथमिक उपचार के बारे में प्रशिक्षित किया गया है। पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू (KENVUE) के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया के सभागार में इन्हें पांच सत्रों (बैच) के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया कि वह क्षेत्र में डायरिया से सुरक्षित रहने के लिए लोगों को पीने के पानी की स्वच्छता के बारे में जरूर बताएं क्योंकि डायरिया का एक प्रमुख कारण दूषित पानी का सेवन भी है।
इस दौरान मुख्य प्रशिक्षक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी में डायरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। घर व आस-पास साफ़-सफाई रखने के साथ ही स्वच्छ पेयजल का ही इस्तेमाल करें। पानी को उबालकर छानकर और ठंडा होने पर ही पिएं। हाथों की स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को इस बारे में अन्य जरूरी उपाय भी बताये और कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को इस बारे में अवश्य बताएं। समुदाय को यह भी बताएं कि वह आकस्मिक परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस के इस्तेमाल के लिए 102 या 108 को डायल कर सकते हैं। फ्रंट लाइन वर्कर को डायरिया की रोकथाम और उसके इलाज में पहले से मौजूद बेहतरीन तरीकों की पहचान करना और उन्हें दस्तावेज़ के रूप में दर्ज करना आदि के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। उनसे अपेक्षा की गयी वह इन तरीकों को शहरी और ग्रामीण इलाकों के उन हिस्सों तक पहुँचाने पर ज़ोर दें, जहाँ पहुँचना थोड़ा मुश्किल है। डायरिया की शीघ्र पहचान के साथ ही जरूरी परामर्श और इलाज के तय प्रोटोकाल आदि के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।
डायरिया के प्राथमिक उपचार के तौर पर पानी जैसी पतली दस्त होने पर ओआरएस का घोल और जिंक की सही खुराक लेने के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया और क्षेत्र में टीकाकरण के महत्व पर ज़ोर दिया गया। क्षेत्र के डायरिया प्रभावित और अति कुपोषित बच्चों का रिकार्ड रखने के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। अन्य प्रशिक्षकों में एआरओ राजकुमार, बीसीपीएम अनिल कुमार, पीएसआई इंडिया से विष्णु प्रकाश आदि शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान पीएसआई से अर्चना मिश्रा, अन्य संस्थाओं से गुमान सिंह, अंकित शुक्ला आदि का विशेष सहयोग रहा।