लखनऊ । भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रही बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को गर्मी के मौसम में बिजली संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए उत्पादन से लेकर वितरण तक सभी व्यवस्थाओं को पूरी क्षमता और सतर्कता के साथ संचालित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बढ़ती बिजली आवश्यकता को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने तथा फीडरवार जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति में अनावश्यक व्यवधान की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में बिजली की पीक मांग 30,339 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित और सुचारु बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक कटौती से बचा जाए तथा शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बिलिंग संबंधी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा शिकायत मिलने पर उसका त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्मार्ट मीटर प्रणाली की निगरानी को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
बैठक में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए संचालित हेल्पलाइन व्यवस्था को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो तथा उपभोक्ताओं को शिकायत की स्थिति की नियमित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए ताकि प्रदेशवासियों को राहत मिल सके और औद्योगिक, व्यावसायिक तथा घरेलू गतिविधियां बिना किसी बाधा के संचालित होती रहें।