अयोध्या/लखनऊ - रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 'कचरे से कला' थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।
नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को इस परियोजना से नया आयाम मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा। रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले से ही अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस विकास की कड़ी को और मजबूत करेगा। कचरे को कलाकृति में बदलने का अनूठा मॉडल 'कचरे से कला' थीम इस परियोजना की जान है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे। इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए पर्यटक स्वयं इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के लिए, लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा।