नई दिल्ली(डेस्क) - संघ लोक सेवा आयोग-(यू.पी.एस.ई.) ने परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली की शुरूआत की है। आयोग ने इस तकनीक का सफल उपयोग हाल ही में आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) और भारतीय वन सेवा परीक्षा (प्रारंभिक) 2026 में किया था। इस प्रणाली के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाता है कि आवेदन पत्र भरते समय जिस उम्मीदवार की फोटो अपलोड की गई थी, वही उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा देने आया है।
इस पहल के बारे में यू.पी.एस.ई. के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि यह प्रतिरूपण-मुक्त परीक्षाएं सुनिश्चित करने की दिशा में आयोग का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पूरी तरह से देश में विकसित की गई है। इसे यू.पी.एस.ई. ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के सहयोग से तैयार किया है।