नव दम्पति को नई पहल किट के जरिये परिवार नियोजन के प्रति किया जा रहा जागरूक



आशा कार्यकर्ता किट प्रदान करने के साथ ही समझा रहीं छोटे परिवार के बड़े फायदे

उन्नाव, 3 अप्रैल 2021 - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने मिशन परिवार विकास से आच्छादित जनपदों में परिवार कल्याण कार्यक्रमों से नवविवाहित दम्पति  को जोड़ने के लिए “ नयी पहल किट” की शुरुआत की है | परिवार को नियोजित किये जाने के लिए  आवश्यक सामग्री से युक्त “नयी पहल किट” को  आशा के माध्यम से नव दम्पत्ति  को उपलब्ध करायी जा रही   है | इसके साथ ही उन्हें परिवार कल्याण कार्यक्रमों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है | यह जानकारी परिवार कल्याण  कार्यक्रम के नोडल अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वी.के.गुप्ता  ने दी |
नोडल अधिकारी ने बताया- आशा कार्यकर्ताओं को किट वितरण के साथ में उन्हें इस किट के बारे में तथा उसमें मौजूद साधनों के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी गयी थी और यह भी सुनिश्चित किया गया कि वह नवविवाहित  को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में सटीक जानकारी उपलब्ध करायें | आशा कार्यकर्ता को “नयी पहल किट” के वितरण पर 100 रूपये प्रति किट   प्रोत्साहन राशि दी गयी है |

डॉ. गुप्ता ने बताया- जिले को कुल 6, 676  किट मिली थीं | सामुदायिक स्वास्थ्य  केंद्र (सीएचसी) असोहा को 136, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) औरास को 164, सीएचसी बांगरमऊ को 160, सीएचसी बिछिया को 192, पीएचसी बीघापुर को 141, सीएचसी फतेहपुर-84 को 204, सीएचसी गंज मुरादाबाद को 157, पीएचसी हिलौली को 155, सीएचसी मियानगंज को 175, सीएचसी नवाबगंज को 161, सीएचसी पुरवा को 110, सीएचसी सफीपुर को 161, सीएचसी सिकंदरपुर कर्ण को 196पीएचसी सिरौसी को 193, पीएचसी सुमेरपुर को 145, सीएचसी हसनगंज को 165, नगरीय पीएचसी पुरानी बाजार को 17, मोती नगर को 18, कांशीराम कॉलोनी को 6, ब्रह्मनगर को 8 और चंपा पुरवा को 10 “नयी पहल किट” जिला मुख्यालय से उपलब्ध करायी गयीं |

नोडल अधिकारी ने बताया- इस किट में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की ओर से बधाई पत्र, जूट का बैग, विवाह पंजीकरण फॉर्म, एक पम्पलेट, कंडोम, आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली, गर्भ जाँच किट, अलंकरण/स्वच्छता बैग जिसमें कंघा, शीशा, बिंदी, नेलकटर और 2 सेट रुमाल के हैं |   बधाई पत्र में परिवार नियोजन के उद्देश्यों के बारे में लिखा गया है | इस पत्र का उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को जनसँख्या स्थिरीकरण करने के साथ ही दो बच्चों तक ही परिवार को सीमित रखने के लिए प्रोत्साहित करना है |