राष्ट्रीय डेंगू दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित



लखनऊ - राष्ट्रीय डेंगू दिवस के पूर्व संध्या पर जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान एवं नगर निगम तथा फैमिली हेल्थ इण्डिया, गोदरेज  के सहयोग से संचालित एम्बेड परियोजना के तहत समाज में जागरूकता फैलाने के मकसद से  के संयुक्त प्रयास से स्वामी योगानन्द बालिका इण्टर कालेज, बिहारीपुर विद्यालय परिसर में डेंगू की रोकथाम के लिए संगोष्ठी आयोजित हुई । इसके साथ ही स्टाल लगाकर और नाटक के माध्यम से बचाव एडीज मच्छर से बचाव के तरीके बताये गए।

इस मौके पर डॉ. शैलेश परिहार, डिवीजनल सर्विलांस आफिसर ने बताया कि देश में डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मकसद से हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस का आयोजन किया जाता है, सभी की यह कोशिश होनी चाहिए कि समाज के हर कोने में मच्छर जनित रोगों के प्रति जागरूकता फैलाएं । उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में मच्छर जनित स्थितियों को पहचान कर उन्हें नष्ट करने के साथ कहीं भी पानी के ऐसे स्रोत न बनने पाए कि उसमें मच्छर पैदा हो सकें।

इस अवसर पर डा अल्का चौधरी, मण्डलीय कीट विज्ञानी ने कहा कि पोस्टर, बैनर पैंपलेट के माध्यम से यह सभी सन्देश दूर-दूर तक पहुँच सके और लोग समाज मच्छर जनित बीमारियों से बच सकें । हम सभी के संयुक्त प्रयास से इन बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। जोनल सैनिटरी आफिसर आशीष कुमार ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है, इसलिए कहीं भी पानी जमा नहीं होना चाहिए। घरों में जमा हुए पानी को सप्ताह में एक बार जरूर खाली करके पात्र को रगड़ कर पोंछना चाहिए जिससे कि मच्छर के अंडे भी न रहे।  

इस मौके पर डॉ. स्मिता घवन जिला सलाहकार  वी.बी.डी. ने सभी को मच्छरों के जलीय अवस्था पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हए बताया कि ठहरे हुए पानी में मच्छरों के लार्वा का नष्ट किया जाना आसान है इसलिए किसी भी दशा में एक चम्मच भी पानी एक सप्ताह तक जमा ना होने दें, उन्होंने बुखार आने पर सिर्फ पैरासिटामोल और खूब तरल पदार्थ जैसे ओआरएस, नारियल पानी, आदि का सेवन करें जांच में डेंगू आने पर चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार करायें।

इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम ‘डेंगू नियंत्रण में सामुदायिक सहभागिता‘ पर जोर देते हुए कहा कि एम्बेड रीजनल कोआर्डिनेटर धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि डेंगू को होने से रोका जा सकता है, यह स्वयं हमारे अपने हाथों में है। उन्होंने बताया कि डेंगू मच्छरों से होनेे वाला एक तरह का संक्रमण रोग है। जो मादा एडीज नामक मच्छर के काटने से होता है।  इससे बचने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है । उन्होेने प्रत्येक रविवार मच्छरों पर वार, एवं बुखार में देरी पडेगी भारी,  जैसे संदेशों के माध्यम से मच्छरों के ब्रीडिंग स्थलों को नष्ट करने एवं किसी भी प्रकार के बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जांच कराये जाने का संदेश दिया ।  इस मौके सांप सीढी गेम के माध्यम से डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया। साथ ही लार्वाभक्षी गम्बूजिया मछली मच्छरों के लार्वा को कैसे चट कर  डेंगू, मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाती है का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। जो छात्राओं के लिए कौतुहल का विषय रहा।  इस मौके पर एम्बेड बीसीसीएफ शैलजा शुक्ला ने सभी को डेंगू खत्म करने की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जैनब द्रितीय पुरस्कार पायल, तृतीय पुरस्कार तसीपा एवं नसरीन एवं असीफा को सांत्वना पुरस्कार विधालय की प्रधानाचार्या डा0 साधना श्रीवास्तव द्वारा प्रदान किया गया।  इस मौके पर मलेरिया निरीक्षक आसरा, सुनीता, अध्यापक पूजा सिंह, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, राजाजीपुरम से सोनम ज्योति, आदि उपस्थित रहे।