नई दिल्ली(डेस्क) - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में नीतियों को मजबूत करने वाले और सुधारों को संरक्षण देने वाले ठोस साक्ष्यों पर आधारित आलोचनाओं का स्वागत होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के एक लेख का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहा कि देश की लोकतांत्रिक प्रगति में उन्माद का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने नए वर्ष में रचनात्मक बहस के महत्व पर जोर दिया।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने लेख में कहा है कि लोकतंत्र को राजनीति से प्रेरित विशेषज्ञों के भाग्यवादी दृष्टिकोण से नहीं बल्कि स्वस्थ आलोचना से लाभ होता है। उन्होंने कहा कि भारत ने नीतियों के क्रियान्वयन पर जोर दिया है और इसके परिणाम घर-घर में दिखाई दे रहे हैं।