केंद्र सरकार ने वंदे मातरम् के लिए विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया




नई दिल्ली : राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब राष्ट्र गान 'जन गण मन' से पहले राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम' बजाया जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार सरकार ने आधिकारिक मौकों पर 'वन्दे मातरम्' के 6 अंतरा वाले संस्करण को बजाना या गायन अनिवार्य कर दिया है, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट 10  सेकंड होगी। राष्ट्रगीत के सभी 6 छंद बजाए जाएंगे, जिनमें वे 6 छंद भी शामिल हैं, जिन्हें कांग्रेस ने 1937 में हटा दिया था। 

नए दिशानिर्देश के अनुसार अगर किसी कार्यक्रम में वन्दे मातरम और राष्ट्रगान दोनों हों, तो पहले वन्दे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा। दर्शकों से अपेक्षा की गई है कि वे दोनों के प्रदर्शन के दौरान सम्मान के प्रतीक के रूप में सावधान मुद्रा में खड़े रहें। शिक्षण संस्थानों से रोजाना की सभाओं और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में वन्दे मातरम गाने को बढ़ावा देने की अपील की गई है। बैंड द्वारा प्रदर्शन के समय ढोल या बिगुल की ध्वनि से औपचारिक शुरुआत का संकेत दिया जाएगा। 

हालांकि सिनेमा हॉल में फिल्म के साउंडट्रैक के रूप में वन्दे मातरम् बजाने पर दर्शकों को खड़ा होने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि मनोरंजन स्थलों में दर्शकों को खड़े होने के लिए मजबूर करने से फिल्म देखने आए दर्शकों के मनोरंजन में रुकावट पैदा हो सकती है और संभावित रूप से दर्शकों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत के औपचारिक प्रोटोकॉल में स्पष्टता लाना है।