नई दिल्ली - मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अल-फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश की गई है। ईडी की जांच के दायरे में अब अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और अल-फलाह यूनिवर्सिटी भी आ गई हैं। एजेंसी ने इस मामले में करीब 140 करोड़ रुपये की जमीन और इमारतें जब्त की हैं।
ईडी के मुताबिक अब तक लगभग 493 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का पता चला है। जवाद अहमद सिद्दीकी को पिछले साल 18 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल जेल में बंद हैं।
जांच में सामने आया है कि सिद्दीकी का ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी और उनसे जुड़ी संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था। आरोप है कि नियमों का उल्लंघन कर मेडिकल कॉलेज की मंजूरी ली गई और संस्थानों के पैसों का गलत इस्तेमाल किया। ईडी का कहना है कि अवैध कमाई को परिवार की कंपनियों के जरिए इधर-उधर किया गया। विदेशों में भी पैसे भेजे गए, जिनमें सिद्दीकी की पत्नी और बेटे के नाम पर करोड़ों रुपये के लेनदेन पाए गए हैं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि चैरिटेबल और शैक्षणिक संस्थानों का इस्तेमाल निजी और पारिवारिक फायदे के लिए किया गया।