बजट 2026 अगले 25 वर्षों के लिए एक ठोस आधार तैयार करता है- पीएम मोदी



नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि इस वर्ष का केंद्रीय बजट भारत की विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा को दर्शाता है। एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा कि बजट ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ जैसा मजबूरी में लिया गया निर्णय नहीं, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा ‘हम तैयार हैं’ वाला पल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस साल का केंद्रीय बजट भारत की विकसित राष्ट्र बनने की अभिलाषा को दर्शाता है। साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार का बजट मजबूरी से निकला बजट नहीं है और यह 'अब नहीं तो कभी नहीं' वाली स्थिति में न होकर 'हम तैयार हैं' के पल से प्रेरित है।

हालिया व्यापार समझौतों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और राजनीतिक भविष्यवाणी ने भारत में निवेशकों के विश्वास को फिर से बहाल किया है। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य 'बही खाता' दस्तावेज़ बनाने के लिए नहीं होता। उनका कहना था कि 'यही समय है, सही समय है' की भावना हमेशा उनके सरकार में रही है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमारा राष्ट्रीय चरित्र मुश्किल परिस्थितियों में भी परखा गया है, और आज हम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद विकास की एक उज्जवल मिसाल बन चुके हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने यह निर्धारित किया है कि भारत अब 2047 तक 'विकसित भारत' की दिशा में अगला कदम उठाने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि महामारी के बाद का विश्व व्यवस्था भारत के लिए नए अवसर खोल रहा है और कई देशों के लिए भारत के साथ व्यापार और नवाचार में साझेदारी करना एक आकर्षक प्रस्ताव बन चुका है।

उन्होंने बताया कि हमारे युवा आज अंतरिक्ष, खेल और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट 2026 का बजट नहीं, बल्कि 21वीं सदी के दूसरे दशक का पहला बजट है, जो 2014 के बाद से हुए सुधारों पर आधारित है और अगले 25 वर्षों के लिए एक ठोस आधार तैयार करता है। हमने पिछले सालों में संरचनात्मक सुधार किए हैं, गरीबों के लिए अवसरों का विस्तार किया है और महिला सशक्तिकरण के लिए मजबूत कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस बजट से 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को नई गति मिलेगी और यह हमारे युवाओं को तेजी से बदलते विश्व के अवसरों के लिए तैयार करेगा।

प्रधानमंत्री ने भारत के व्यापारिक समझौतों के संदर्भ में कहा कि राजनीतिक स्थिरता और राजनीतिक भविष्यवाणी ने भारत में निवेशकों के विश्वास को बहाल किया है। उन्होंने बताया कि मजबूत विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और एमएसएमई ने भारत को व्यापार समझौतों को मजबूती से सौदा करने की स्थिति में लाकर खड़ा किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) एमएसएमई के लिए कपड़ा, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प, रत्न और अन्य क्षेत्रों में बाजार की पहुंच बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले चरण के आर्थिक परिवर्तन के लिए निजी क्षेत्र को महत्वपूर्ण बताया और उनसे 'निर्णायक प्रतिक्रिया' देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को अब अपनी बचत को सुरक्षित रखने पर कम ध्यान देना चाहिए और अनुसंधान व विकास, आपूर्ति शृंखला और गुणवत्ता में तेजी से निवेश करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कि 'विकसित भारत' की ओर अगला कदम निजी क्षेत्र के नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में साहसिक निवेश पर निर्भर करेगा। रक्षा क्षेत्र में बढ़ाए गए बजट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह मौजूदा हालात के हिसाब से रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बनाए। उन्होंने कहा कि देश के रक्षा बलों की सहायता करने और उन्हें मजबूत करने के लिए सरकार को जो भी करना होगा वो किया जाएगा।