- उच्च प्राथमिक विद्यालय हुसैनगंज में पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता आयोजित
- ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रतियोगिता में 61 बच्चों ने लिया भाग
- सरिता प्रथम, अंशु राज दूसरे व जीनत तीसरे स्थान पर रहीं, जैनब को सांत्वना पुरस्कार
सीतापुर - जनपद के उच्च प्राथमिक विद्यालय हुसैनगंज में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के तहत पोस्टर और क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी। डायरिया के प्रति जागरूकता के लिए आयोजित प्रतियोगिता में 61 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें कक्षा-आठ की सरिता पहले, कक्षा-सात के अंशुराज दूसरे और कक्षा-आठ की जीनत तीसरे स्थान पर रहीं। कक्षा-छह की जैनब को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता और क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से रोटा वायरस, साफ सफाई, ओआरएस और जिंक की महत्ता को दर्शाया गया।
इस मौके पर छात्र-छात्राओं को डायरिया रोकथाम और प्रबन्धन के बारे में विस्तार से बताया गया। क्विज और पोस्टर के जरिए डायरिया से बचाव के जरूरी सन्देश दिए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य रत्नेश मिश्रा ने कहा कि डायरिया की चपेट में कई कारणों से बच्चे आ सकते हैं, जैसे- दूषित जल पीने से, दूषित हाथों से भोजन बनाने या बच्चे को खाना खिलाने, खुले में शौच करने या बच्चों के मल का ठीक से निस्तारण न करने आदि से। इसलिए शौच और बच्चों का मल साफ़ करने के बाद, भोजन बनाने और खिलाने से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह अवश्य धुलें। डायरिया के दौरान ओआरएस से शरीर में पानी की कमी को रोकें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सदर डॉ. शानू वर्मा ने कहा कि टीकाकरण सारणी के अनुसार बच्चों को सारे टीके लगवाएं और रोटावायरस, विटामिन ए को लेना न भूलें। भोजन को ढककर रखें ताकि मक्खियाँ उस पर न बैठें। जिंक की खुराक को दस्त ठीक होने के बाद भी 14 दिनों तक जारी रखें। पीने के पानी को साफ़ रखें और पीने के पानी को निकालने के लिए डंडीदार लोटे का प्रयोग करें। छह माह से छोटे बच्चों को दस्त होने पर भी स्तनपान जारी रखना चाहिए।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी कैलाश नाथ मिश्रा ने ओआरएस व जिंक और विटामिन-ए के महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शिवकांत-समन्वयक राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षेत्रीय एएनएम मीना और पीएसआई इंडिया से कमलेश कुमार, अश्वनी कुमार मिश्रा एवं संतोषी गुप्ता, अध्यापिका नेहा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।