एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वास्तविक समय में सुरक्षा संबंधी चेतावनी देने के लिए शुरू की प्रायोगिक पहल



लखनऊ(नेशनल डेस्क) - भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को वास्तविक समय में सुरक्षा संबंधी चेतावनी देने के लिए एक प्रायोगिक पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर मवेशियों की अचानक आवाजाही से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है, विशेष रूप से कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति में। यह प्रायोगिक पहल जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों पर लागू की जा रही है, जिन्हें आवारा पशुओं की आवाजाही के लिए संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है।

इस पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए स्थान-आधारित अलर्ट जारी किए जाएंगे। ये जोखिम भरे क्षेत्रों की पहचान करने से लगभग 10 किलोमीटर पहले ही चेतावनी प्रदान करेंगे। इससे यात्रियों को एहतियाती उपाय करने के लिए कुछ समय मिल जाएगा।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि पायलट परियोजना के परिणामों और प्रभावशीलता के आधार पर, एनएचएआई इस पहल को अन्य मवेशियों से प्रभावित क्षेत्रों में विस्तार करने की संभावना का मूल्यांकन करेगा। ये राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा सुधारने और उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के उसके लगातार प्रयासों का हिस्सा है।