लखनऊ । नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में नगर निगम एवं जल निगम के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चरनजीत गांधी, नगर आयुक्त गौरव कुमार, कार्यकारिणी सदस्य, पार्षदगण, अपर नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी तथा नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत सदन एवं कार्यकारिणी बैठकों में पार्षदों द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा से हुई। जल निगम से जुड़े कार्यों, सीवर की समस्याओं तथा जलकल विभाग से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही शहर में सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।महापौर ने जल निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर समीन अख्तर को निर्देश दिए कि शहर में जल निगम द्वारा संचालित सभी परियोजनाओं का विस्तृत विवरण नगर निगम को उपलब्ध कराया जाए, ताकि बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जा सके। इसके साथ ही यह रिपोर्ट भी मांगी गई कि सीवर व पाइपलाइन बिछाने के लिए कितनी सड़कों को खोदा गया और कितनी सड़कों का पुनर्निर्माण कराया गया है।बैठक में पतली गलियों में प्रत्येक मकान के सामने बनाए गए सीवर चैंबरों पर भी सवाल उठाए गए।
महापौर ने कहा कि नियमों के अनुसार दो से तीन मकानों के बीच एक चैंबर होना चाहिए, जबकि कई क्षेत्रों में हर मकान के सामने चैंबर बनाए गए हैं। जोन-5 के कुछ मोहल्लों में 40 मकानों के सामने 40 से अधिक चैंबर पाए गए हैं। इसी तरह की स्थिति इंदिरा नगर और जानकीपुरम क्षेत्रों में भी सामने आई है। इस पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।महापौर ने नगर आयुक्त, जीएम जलकल और जल निगम के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नगर निगम क्षेत्र में चल रहे सभी कार्यों की समीक्षा कर परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा संतोषजनक समीक्षा के बाद ही परियोजनाओं का हैंडओवर लिया जाएगा। सीवर एवं पेयजल से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं रखीं। चोक सीवर लाइन, सीवर कनेक्टिविटी की कमी, टूटे ढक्कन और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों को प्रमुखता से उठाया गया।
बैठक में जीएम(जलकल) कुलदीप सिंह और स्वेज इंडिया के प्रोजेक्ट हेड राजेश मटपाल को निर्देश दिए गए कि जलकल से संबंधित शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वेज इंडिया को अनुबंध के अनुसार क्षेत्र में आवश्यक उपकरण और संसाधन तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।महापौर ने 27 जनवरी 2026 को आयोजित नगर निगम सदन की सामान्य बैठक में पूछे गए 36 लिखित और 46 मौखिक प्रश्नों की भी समीक्षा की और सभी उत्तर लिखित रूप में कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।डूडा से जुड़ी शिकायतों और समाधान दिवस में प्राप्त मामलों की भी समीक्षा की गई। सभी जोनल अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि 15 फरवरी के बाद बिना आईडी कार्ड के कोई भी कर्मी फील्ड में रिकवरी कार्य नहीं करेगा और उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में महापौर ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए तथा भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर तारबाड़ कराई जाए।