लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उत्तर प्रदेश में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 125 करोड़ रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आर्थिक सहायता प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले से ही देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है और केंद्र सरकार का यह सहयोग प्रदेश की कृषि क्षमता को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश ने 30.82 लाख मीट्रिक टन दलहन उत्पादन के साथ देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 256.83 लाख मीट्रिक टन दलहन उत्पादन में प्रदेश का योगदान लगभग 12 प्रतिशत है। प्रदेश में दलहनी फसलों की औसत उत्पादकता 12.01 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जो राष्ट्रीय औसत 9.26 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से कहीं अधिक है। वर्ष 2024-25 में जहां 25.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में दलहनों की बुवाई की गई थी, वहीं वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 30.77 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य तय किया गया है।उन्होंने जानकारी दी कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत उन्नत और प्रमाणित बीजों के वितरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कुल 1,05,642 कुंतल प्रमाणित बीज किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार की निःशुल्क बीज मिनीकिट योजना के तहत 12,413 कुंतल बीज वितरित कर 92,517 किसानों को लाभ पहुंचाया गया है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 17,297 कुंतल बीज मिनीकिट से 2,04,693 किसान लाभान्वित हुए हैं। दलहन खरीद के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और वर्ष 2024-25 में 75.85 हजार मीट्रिक टन दलहन की खरीद की गई।
भावी रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि गन्ने के साथ अंतःफसली खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में अतिरिक्त वृद्धि हो सके। वर्ष 2025-26 के रबी सत्र में 40,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर की खेती तथा जायद सत्र में 1,00,000 हेक्टेयर में उर्द और मूंग की खेती का विशेष कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जायद 2026 में 20,000 कुंतल उर्द और मूंग के प्रमाणित बीज अनुदान पर वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।सूर्य प्रताप शाही ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश दलहन उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनेगा और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ-साथ आम जनता को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस सफलता मिलेगी।