यातायात पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की पहल, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने आयोजित किया वृहद प्रशिक्षण सत्र



लखनऊ - पुलिस कमिश्नरेट द्वारा यातायात पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक वृहद प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। 

कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार, पुलिस उपायुक्त यातायात कमलेश कुमार दीक्षित तथा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अनिल कुमार यादव के मार्गदर्शन में और सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध, साइबर क्राइम एवं ट्रेनिंग सेल) सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया।लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग शाखा द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में आयोजित इस विशेष कार्यशाला में लगभग 120 यातायात पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य विषय मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन रहा। कार्यशाला के दौरान मुख्य प्रशिक्षक के रूप में नूर मंज़िल हॉस्पिटल, लखनऊ की प्रसिद्ध मनोचिकित्सक एवं काउंसलर अंजली गुप्ता उपस्थित रहीं। उन्होंने कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी के सिद्धांतों को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए बताया कि चुनौतीपूर्ण और दबावपूर्ण परिस्थितियों में भी किस प्रकार भावनात्मक संतुलन बनाए रखा जा सकता है। 

प्रशिक्षण सत्र में लाइव प्रैक्टिकल के माध्यम से तनाव प्रबंधन की तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया, जिससे पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान अपनी मानसिक कार्यक्षमता को बेहतर बना सकें।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिन-रात चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्यरत यातायात पुलिसकर्मियों को मानसिक दबाव से मुक्त रखने के साथ-साथ बेहतर कार्य-जीवन संतुलन विकसित करना रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ और दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में ड्यूटी करने के कारण यातायात पुलिसकर्मी अत्यधिक तनाव का सामना करते हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन बल्कि सार्वजनिक सेवा की गुणवत्ता के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।सत्र के दौरान पुलिसकर्मियों और विशेषज्ञों के बीच संवादात्मक चर्चा भी हुई, जिसमें कर्मियों ने अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर चुनौतियों को खुलकर साझा किया। विशेषज्ञों ने इन समस्याओं पर व्यावहारिक समाधान और परामर्श प्रदान किया। 

प्रशिक्षण में तनाव के शुरुआती लक्षणों जैसे चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और अत्यधिक थकान को पहचानने पर विशेष जोर दिया गया तथा समय रहते पेशेवर सहायता लेने के लिए कर्मियों को प्रोत्साहित किया गया।प्रशिक्षण के अपेक्षित प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से यातायात पुलिसकर्मियों में मानसिक सुदृढ़ता विकसित होगी, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रख सकेंगे और बेहतर निर्णय ले सकेंगे। मानसिक रूप से संतुलित कर्मियों का आमजन के प्रति व्यवहार अधिक विनम्र और सहयोगात्मक होगा, जिससे पुलिस की सार्वजनिक छवि में भी सकारात्मक सुधार आएगा। इसके साथ ही तनाव प्रबंधन की तकनीकों के माध्यम से कर्मियों की एकाग्रता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ यातायात नियंत्रण और दुर्घटनाओं की रोकथाम में देखने को मिलेगा।स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग शाखा के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जन-जागरूकता अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का लक्ष्य प्रत्येक पुलिसकर्मी को मानसिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अधिक संवेदनशीलता, कुशलता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आम जनता की सेवा कर सकें।