शाहजहाँपुर। पेस संस्था और गेम्स 24x7 फाउंडेशन के सहयोग से ब्लाक ददरौल और भावलखेड़ा के 10 गाँवों में स्कूल छोड़ चुके सात से 14 साल के बच्चों का सर्वेक्षण कराया गया है । सर्वेक्षण में उन बच्चों का चयन किया गया है, जो पिछले 45 दिनों से स्कूल नहीं जा रहे थे । इनके स्कूल न जाने के मुख्य कारणों में बाल मजदूरी और शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी सामने आई ।
स्कूल न जाने वाले इन बच्चों के साथ ग्राम स्तर पर ब्रिज कोर्स सेंटर का संचालन शुरू किया गया । सेंटर पर शिक्षक प्रतिदिन इन बच्चों को उनकी कक्षा के मुताबिक़ शिक्षा प्रदान कर रहे हैं । इसके अलावा हर रोज ऐसे बच्चों के घर-परिवार का भ्रमण कर शिक्षक शिक्षा के प्रति जागरूकता की अलख भी जगा रहे हैं । इसमें समुदाय के सदस्य और ग्राम स्तर के हित धारक पूरा सहयोग कर रहे हैं। अगले महीने अप्रैल से इन बच्चों को ग्राम के स्कूल से जोड़ा जायेगा । इसके साथ ही ग्राम स्तर पर प्रतिदिन गृह भ्रमण कर बच्चों की निगरानी कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर बच्चा स्कूल में प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराये। इस कार्य में परियोजना समन्वयक विजय शंकर, ब्लाक समन्वयक सुशांत और अभिषेक सिंह की मुख्य भूमिका रही है ।
तीन व्यावसायिक सिलाई सेंटर का शुभारंभ : शाहजहाँपुर में पेस संस्था और गेम्स 24x 7 फाउंडेशन के सहयोग से तीन व्यावसायिक सिलाई सेंटर का शुभारंभ किया गया है। यह केंद्र ब्लॉक ददरौल और भावलखेड़ा के तीन गाँवों में चलाए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य 15 से 20 साल की उम्र की बालिकाओं को सिलाई कौशल सिखाकर आत्मनिर्भर बनाना है। गेम्स 24x 7 फाउंडेशन के स्टेट प्रोग्राम मैनेजर सुहील सैयद और पेस संस्था की सचिव राजविंदर कौर ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सुहील सैयद ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वह सिलाई कौशल सीखकर अपने दैनिक जीवन में बदलाव ला सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं। कार्यक्रम के तहत, लगभग 90 बालिकाओं का चयन किया गया है और उन्हें सिलाई सेंटर के माध्यम से सिलाई सिखाई जाएगी। इसके बाद, उन्हें सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही समुदाय के सदस्यों और बालिकाओं के अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। इस कार्य में ग्राम स्तर के स्टेकहोल्डर, परियोजना समन्वयक विजय शंकर, ब्लॉक समन्वयक अभिषेक सिंह और सुशांत वर्मा की मुख्य भूमिका रही है।