नई दिल्ली - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में जनसंख्या असंतुलन को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल भारत ही नहीं, सभी देशों में यह देखा जाता है कि संख्या से ज़्यादा इरादा क्या है, इसकी चिंता ज्यादा होती है।
मोहन भागवत ने कहा कि जब देश की डेमोग्राफी बदलती है तो उसके कुछ परिणाम होते हैं, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं। उन्होंने जनसंख्या असंतुलन का पहला कारण मतांतरण को बताया। उनका कहना था कि धर्म अपनी पसंद का विषय है और यदि यह थोपा जाता है तो उसे रोका जाना चाहिए।