विद्यावाचस्पति डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ को विद्यासागर की मानद उपाधि



लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ निवासी प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक, समाजसेवी और सेना से सेवानिवृत विद्यावाचस्पति डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’, को काशी हिन्दी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा विद्यापीठ की अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर गत 25 जनवरी को संपन्न सम्मान समारोह में ‘विद्या सागर’ की मानद उपाधि (कैंसर से पीड़ित) डॉ. कर्नल मिश्र की अनुपस्थिति में उन्हें प्रदान की गयी है। डॉ. कर्नल मिश्र को यह मानद उपाधि उनके द्वारा शैक्षिक/ शोध कार्यों, निरंतर साहित्य सृजन तथा समाज सेवा के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय योगदान के लिये प्रदान की गयी है।

डॉ. कर्नल मिश्र को डॉक्टरेट की तीन मानद उपाधियाँ, काशी हिन्दी विद्यापीठ से विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि, साहित्य शिरोमणि, साहित्य रत्न और मानद स्मृति सम्मान सहित साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अब तक छ: सौ बीस से अधिक सम्मान पत्र, प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं। 

डॉक्टर कर्नल मिश्र सेना सेवा से सेवानिवृत्त होकर निरंतर समाज सेवा क्षेत्र से संबद्ध रहे हैं और कई सामाजिक व धार्मिक संस्थानों और समितियों में सक्रिय भूमिका निभाते आये हैं।
डॉक्टर कर्नल मिश्र की नौ काव्य संग्रह, दो लेख संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और पचास से अधिक साझा काव्य संग्रह में भी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं साथ ही इनकी कविताएँ, लेख विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं। डॉक्टर कर्नल मिश्र के पाँच अन्य काव्य संग्रह और लेख संग्रह शीघ्र ही प्रकाशित होने वाले हैं।