“यूपी में संपत्ति पंजीकरण होगा और सुरक्षित: 1 फरवरी 2026 से आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य”



लखनऊ - उत्तर प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया में आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया जा रहा है। 

इसी क्रम में स्टाम्प तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विधान भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में विभाग से जुड़े दस्तावेजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अगस्त 2025 को संपन्न समीक्षा बैठक में संपत्ति पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण लागू करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इस व्यवस्था के तहत आधार संख्या धारकों की पहचान ई-केवाईसी के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में सत्यापित होगी और आधार आधारित ई-हस्ताक्षर को ई-निष्पादन का हिस्सा बनाया गया है। यह नई व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू होगी, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल पक्षकारों और गवाहों की पहचान का प्रभावी सत्यापन सुनिश्चित किया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, संपत्ति से जुड़े धोखाधड़ी और विवादों में कमी आएगी तथा डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी।