पीएम मोदी ने AI क्षेत्र में कार्यरत CEO और विशेषज्ञों से की बातचीत



नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में कार्यरत सीईओ और विशेषज्ञों के साथ बातचीत की।

फरवरी में होने वाले आगामी इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट के अनुरूप आयोजित इस बातचीत का उद्देश्य रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना, एआई नवाचारों का प्रदर्शन करना और भारत के एआई मिशन के लक्ष्यों को गति देना था। बातचीत के दौरान, सीईओ ने एआई प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य के प्रति दृढ़ समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और संसाधनों की सराहना भी की।

प्रधानमंत्री ने सभी क्षेत्रों में नई प्रौद्योगिकी को अपनाने और राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के लिए इसके उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रमुख क्षेत्रों में स्वदेशी प्रौद्योगिकी के उपयोग का भी आग्रह किया।

आगामी एआई इम्पैक्ट समिट के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी व्यक्तियों और कंपनियों को नए अवसरों का पता लगाने और विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए इस समिट का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से भारत ने अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है और इसे एआई के क्षेत्र में भी दोहराया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के पास विशालता, विविधता और लोकतंत्र का अनूठा संयोजन है, जिसके कारण विश्व भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे पर भरोसा करता है। 'सभी के लिए एआई' के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपनी तकनीक से प्रभाव पैदा करने के साथ-साथ विश्व को प्रेरित भी करना होगा। उन्होंने सीईओ और विशेषज्ञों से भारत को वैश्विक एआई प्रयासों के लिए एक उपयुक्त केंद्र बनाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने डेटा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे एआई पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में काम करना चाहिए जो पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित हो। उन्होंने यह भी कहा कि एआई के नैतिक उपयोग पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए, साथ ही एआई कौशल विकास और प्रतिभा निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने अपील की कि भारत का एआई पारिस्थितिकी तंत्र राष्ट्र के चरित्र और मूल्यों को प्रतिबिंबित करे।

उच्च स्तरीय गोलमेज सम्मेलन में विप्रो, टीसीएस, एचसीएल टेक, जोहो कॉर्पोरेशन, एलटीआई माइंडट्री, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड, अदानीकॉनेक्स, एनएक्सट्रा डेटा और नेटवेब टेक्नोलॉजीज सहित एआई क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के सीईओ के साथ-साथ IIIT हैदराबाद, IIT मद्रास और IIT बॉम्बे के विशेषज्ञों ने भाग लिया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी इस संवाद में शामिल हुए।

प्रमुख एआई कंपनियों के सीईओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात की सराहना की कि एआई किस प्रकार विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तन ला सकता है और आम लोगों के जीवन को लाभ पहुंचा सकता है।