मुंबई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 122वें एपिसोड में सिक्किम के ब्रांड 'क्राफ्टेड फाइबर्स' का जिक्र किया और कहा कि यह ब्रांड सिक्किम की संस्कृति को आगे बढ़ा रहा है। पीएम मोदी ने कहा, दो-तीन दिन पहले, मैं पहली राइजिंग नॉर्थईस्ट समिट में गया था। उससे पहले हमने नॉर्थईस्ट के सामर्थ्य को समर्पित 'अष्टलक्ष्मी महोत्सव' भी मनाया था।
उन्होंने आगे कहा, नॉर्थईस्ट की बात कुछ और ही है। वहां का टैलेंट वाकई अद्भुत है। मुझे 'क्राफ्टेड फाइबर्स' ब्रांड की एक दिलचस्प कहानी पता चली है। यह सिर्फ ब्रांड नहीं, सिक्किम की परंपरा, बुनाई की कला और आज के फैशन की सोच तीनों का सुंदर संगम है।
पीएम मोदी ने बताया कि इसकी शुरुआत डॉ चेवांग नोरबू भूटिया ने की। वे पेशे से जानवरों के डॉक्टर हैं और साथ ही दिल से सिक्किम की संस्कृति के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, उन्होंने (डॉ चेवांग नोरबू भूटिया) ने क्राफ्टेड फाइबर्स के जरिए पारंपरिक बुनाई को आधुनिक फैशन से जोड़ा और इसे एक सोशल एंटरप्राइज बनाया।
पीएम मोदी ने क्राफ्टेड फाइबर्स की चर्चा करते हुए कहा, अब उनके यहां केवल कपड़े नहीं बनते, उनके यहां जिंदगियां बुनी जाती हैं। वे लोकल लोगों को स्किल ट्रेनिंग देते हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हैं। डॉ भूटिया ने क्राफ्टेड फाइबर्स के साथ गांवों के बुनकर, पशुपालक और सेल्फ-हेल्प ग्रुप इन सबको जोड़कर रोजगार के नए रास्ते बनाए हैं। आज स्थानीय महिलाएं और कारीगर अपने हुनर से अच्छी कमाई कर रहे हैं। क्राफ्टेड फाइबर्स के शॉल, स्टोल, दस्ताने, मोजे और लोकल हैंडलूम से बने होते हैं। इसमें उस ऊन का इस्तेमाल होता है, जो सिक्किम के खरगोशों और भेड़ों से आता है। खास बात यह है कि इसके उत्पादों में रंग भी पूरी तरह से प्राकृतिक होते हैं, जिसमें केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
पीएम मोदी ने कहा, डॉ भूटिया ने सिक्किम की पारंपरिक बुनाई और संस्कृति को एक नई पहचान दी है। उनका काम हमें सिखाता है कि जब परंपरा को पैशन से जोड़ा जाए, तो वो दुनिया को कितना लुभा सकती है।