लखनऊ(डेस्क) - मंगलवार से शुरू हो रहे काशी तमिल संगमम के चौथे चरण की तैयारी में जेन-जी में उत्साह की लहर दौड़ रही है। इस आयोजन का उद्देश्य काशी और तमिलनाडु के बीच प्राचीन सांस्कृतिक और भाषाई संबंधों को युवा पीढ़ी की जीवंत ऊर्जा से जोड़ना है। कन्याकुमारी से कल एक विशेष ट्रेन से अपनी यात्रा शुरू करने वाले पहले प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में जेन-जी छात्र शामिल हैं।
इस विशेष ट्रेन में यात्रा कर रहीं तमिलनाडु की अर्चना ने काशी तमिल संगमम में शामिल होने के अपने उत्साह को साझा किया। उन्होंने कहा कि वह पहली बार काशी की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने के लिए उत्सुक हैं।
यूपीएससी की तैयारी कर रही तिरुप्पुर की एक छात्रा मालती ने कहा कि तमिलनाडु और काशी के बीच एक गहरा आध्यात्मिक बंधन है, जिसे मणिक्कवसागर जैसे संतों ने सदियों से मनाया है। उन्होंने कहा कि काशी तमिल संगमम आधुनिक, गतिशील स्वरूप में उस बंधन को मजबूत कर रहा है और काशी आना उनके लिए गर्व का क्षण है।