राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने में एक प्रहरी के रूप में कार्य कर रहा है: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा



नई दिल्ली - स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने में एक प्रहरी के रूप में कार्य कर रहा है। नई दिल्ली में आयोग के 34वें स्थापना दिवस समारोह में श्री नड्डा ने कहा कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही महिला सशक्तिकरण के महत्वपूर्ण पहलू हैं। इस दौरान उन्‍होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव का भी उल्‍लेख किया। श्री नड्डा ने कहा कि वर्ष 2017 की स्वास्थ्य नीति में, सरकार ने उपचारात्मक दृष्टिकोण से हटकर एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया है। 

श्री नड्डा इस बात की पुष्टि की है कि महिला-केंद्रित नीतियां राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी रहेंगी। उन्‍होंने बताया कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, देश भर में एक लाख 81 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2016 से अब तक 72 लाख से अधिक महिलाओं को प्रसवपूर्व जांच का लाभ मिला है और पिछले एक दशक में संस्थागत प्रसव में भी 89% की वृद्धि हुई है। 

कार्यक्रम में महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आयोग महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार पहल के अंतर्गत लगभग सात करोड़ महिलाओं को स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्राप्त हुई है। कार्यक्रम के दौरान मासिक पत्रिका जागृति, मातृत्व सशक्तिकरण पर एक पुस्तक और विवाहपूर्व संचार केंद्रों 'तेरे मेरे सपने' के लिए एक डिजिटल प्रशिक्षण मॉड्यूल सहित कई पहलों का भी शुभारंभ किया गया।