आईपीओ की संख्या में भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार: सेबी अध्यक्ष



नई दिल्ली(नेशनल डेस्क) - भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड-सेबी के अध्‍यक्ष तुहिन कांत पांडे ने कहा है कि भारत आरंभिक सार्वजनिक पेशकश-आईपीओ की संख्या के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार बनकर उभरा है और मूल्‍य की दृष्टि से तीसरा सबसे बड़ा बाज़ार है। उन्‍होंने कहा कि पूंजी बाजार आर्थिक विकास के वित्तपोषण में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। 

मुंबई में आयोजित 14वें एआईबीआई वार्षिक सम्मेलन में तुहिन कांत पांडे ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में 311 आईपीओ के माध्यम से 17 लाख करोड़़ रुपये जुटाए गए। उन्होंने कहा कि निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से भारत का बाजार पूंजीकरण और जीडीपी अनुपात वित्त वर्ष 2016 के 69 प्रतिशत से बढ़कर 130 प्रतिशत से अधिक हो गया है। निवेशकों की संख्या वित्त वर्ष 2020 के चार करोड़ 30 लाख  से बढ़कर 13 करोड़ 70 लाख हो गई है, जबकि म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या अब पांच करोड़ 90 लाख से अधिक हो गई है। सेबी अध्यक्ष ने आईपीओ लिस्टिंग की समय सीमा को घटाकर टी+3 दिन करने, राइट्स इश्यू के लिए नियमों को आसान बनाने, एंकर निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने और डिस्‍कलोजर मानकों में सुधार करने जैसे उपायों की रूपरेखा प्रस्‍तुत की। उन्होंने कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को और मजबूत बनाने के लिए कई उपायों की घोषणा की, जिनमें खुदरा निवेश की न्यूनतम सीमा को कम करना और ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म को सक्षम बनाना शामिल है।

तुहिन कांत पांडे ने कहा कि सेबी पारदर्शिता, डिस्क्लोजर क्वालिटी और निवेशक सुरक्षा को बेहतर बनाने पर काम करना जारी रखेगा साथ ही गलतबयानी के मामलों से सख्ती से निपटा जाएगा।