- प्रति किलोमीटर 14 पैसे की वृद्धि तत्काल लागू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा जनहित में संचालित माननीय मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में चल रही बस सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, नियमित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। योजना के तहत बसों के संचालन में लगे चालकों एवं परिचालकों को दिए जाने वाले मानदेय में प्रति किलोमीटर 14 पैसे की वृद्धि की गई है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत अब तक संविदा चालकों एवं परिचालकों को प्रति किलोमीटर 2.18 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा था। नवीन निर्णय के अनुसार अब यह दर बढ़ाकर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर कर दी गई है। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम द्वारा की गई यह वृद्धि बस संचालन से जुड़े चालकों, परिचालकों एवं सेवा प्रदाताओं के लिए आर्थिक संबल का कार्य करेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन और अधिक नियमित, सुरक्षित एवं सुचारु रूप से किया जा सकेगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि इस निर्णय का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। ग्रामीण अंचलों में आवागमन के लिए निर्भर बड़ी आबादी को बेहतर, निरंतर और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि उनके संचालन को स्थायी, सुरक्षित और यात्रियों के अनुकूल बनाना भी है। इसी दृष्टिकोण के तहत चालकों और परिचालकों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार जनसाधारण को किफायती, सुरक्षित एवं सुलभ परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ग्रामीण परिवहन को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे। मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत संचालित बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रखा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को कम किराये में अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिल रही है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री जनता सेवा बस योजना ग्रामीण परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में अनुमन्य 395 मार्गों पर कुल 299 बसों का संचालन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा किया जा रहा है। इन बसों के माध्यम से दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों को मुख्य मार्गों एवं शहरी केंद्रों से जोड़ा जा रहा है, जिससे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हुई है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मानदेय में वृद्धि के इस निर्णय से न केवल बस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।